दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यूं सून-क्यो को उत्तर कोरिया में ड्रोन भेजने के मामले में 30 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। विशेष अभियोजकों का आरोप है कि यह कार्रवाई भविष्य में मार्शल लॉ लागू करने का बहाना बनाने के लिए की गई थी। अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति को देशद्रोह और सैन्य गोपनीयता कानून के उल्लंघन का दोषी पाया है। इस मामले में कई पूर्व सैन्य अधिकारियों को भी शामिल पाया गया है और उन्हें भी सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि पूर्व राष्ट्रपति ने राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर तनाव बढ़ाया। यह फैसला दक्षिण कोरियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है और पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। अदालत का मानना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थी।