केंद्रीय चुनाव प्रबंधन समिति ने आगामी स्थानीय चुनावों के लिए मतपत्र छपाई हेतु 14.5 बिलियन वोन का बजट आवंटित किया था। हालांकि, वास्तविक में केवल 8.2 बिलियन वोन का ही खर्च हुआ, जो कि आवंटित बजट का लगभग आधा है। इस अंतर ने अनावश्यक खर्च और बजट प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समिति ने अभी तक इस कमी का स्पष्टीकरण नहीं दिया है। आलोचकों का कहना है कि यह धन का दुरुपयोग हो सकता है या फिर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का संकेत है। इस मामले की जांच की मांग की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो रहा है। समिति जल्द ही इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी जारी करने की तैयारी कर रही है।