दक्षिण अफ्रीका में युवा दिवस के अवसर पर, बेरोज़गार युवाओं ने बताया कि कैसे बेरोज़गारी उन्हें चिंता, अवसाद और निराशा की ओर धकेल रही है। यह एक बढ़ता हुआ मानसिक स्वास्थ्य संकट है जो बेरोज़गारी दर के पीछे छिपा हुआ है। युवा नौकरी पाने के संघर्ष के कारण मानसिक रूप से परेशान हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोज़गारी न केवल आर्थिक समस्या है, बल्कि यह युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती है। इस मुद्दे पर ध्यान देने और युवाओं को सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। सरकार और समाज दोनों को मिलकर इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाने होंगे। युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना ज़रूरी है ताकि वे एक स्वस्थ और उत्पादक जीवन जी सकें।