दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी नागरिकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं, जहाँ उन्हें वापस अपने देशों में लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ‘मार्च एंड मार्च’ जैसे समूहों ने 30 जून तक का अल्टीमेटम दिया है, जिसके कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इन घटनाओं ने पूरे महाद्वीप में चिंता पैदा कर दी है। सवाल यह है कि यदि इन अफ्रीकी नागरिकों को जाना ही है, तो वे कहाँ जाएँ? यह घटना अफ्रीकी एकता और मानवाधिकारों के प्रति चिंता व्यक्त करती है। दक्षिण अफ्रीका सरकार और अफ्रीकी संघ इस स्थिति को संभालने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यह संकट अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग और आपसी समझ की आवश्यकता को रेखांकित करता है।