दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी प्रवासियों के खिलाफ ज़ेनोफोबिया की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई है। घाना के सांसद रॉकसन-नेल्सन एटसे क्वामी डाफेमेकपर ने चेतावनी दी है कि यह हिंसा देश की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और न्याय के रक्षक के रूप में बनी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से दक्षिण अफ्रीका की नैतिक प्रामाणिकता कमजोर हो सकती है। डाफेमेकपर ने इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और हिंसा को रोकने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। यह घटनाक्रम अफ्रीका में प्रवासियों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज़ेनोफोबिया के कारण क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए दक्षिण अफ्रीका सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।