दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को एक बड़ी राहत मिली है, क्योंकि न्यायाधीशों ने अभी तक उन आरोपों की जांच करने से इनकार कर दिया है जिनसे उनकी स्थिति खतरे में पड़ सकती थी। विपक्ष इस फैसले से क्रोधित है और इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रहा है। न्यायाधीशों ने कहा कि वे “जिनी को बोतल से बाहर नहीं निकलने देंगे”, जिसका अर्थ है कि वे मामले की तत्काल सुनवाई नहीं करेंगे। विपक्ष का तर्क है कि यह निर्णय रामाफोसा को आरोपों से बचने के लिए समय खरीद रहा है। यह मामला राष्ट्रपति पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। इस फैसले से दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। आगे की कार्यवाही पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।