न्याय और संवैधानिक विकास मंत्री ममालोको कुबायी ने IDAC (इंटीग्रिटी और भ्रष्टाचार विरोधी समिति) को भंग करने की मांगों को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने में संस्थागत अखंडता की भूमिका महत्वपूर्ण है। मंत्री कुबायी का मानना है कि IDAC देश में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक आवश्यक अंग है। उन्होंने IDAC को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया। कुबायी ने जोर दिया कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मजबूत संस्थानों का होना आवश्यक है। उनका रुख भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और संस्थागत सुधारों को बढ़ावा देता है। IDAC को जारी रखने का निर्णय, देश में सुशासन और कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।