दक्षिण अफ्रीका के राजनीतिक विश्लेषक सिफो सीपे का तर्क है कि राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का conciliatory (समायोजन का) रुख देश के घटते भू-राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है। उनका मानना है कि अफ्रीका और वैश्विक मंच पर दक्षिण अफ्रीका की पहले जैसी मजबूत स्थिति नहीं रही है। सीपे के अनुसार, राष्ट्रपति का वर्तमान दृष्टिकोण देश की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। यह बदलाव, पुरानी ताकत और प्रभाव खोने की ओर इशारा करता है। विश्लेषक ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दक्षिण अफ्रीका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, तथा देश की बदलती प्राथमिकताओं पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका को अपनी विदेश नीति का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है ताकि वह वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सके और अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर सके। यह स्थिति, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों में दक्षिण अफ्रीका के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।