दक्षिण अफ्रीका में ज़ेनोफ़ोबिक प्रदर्शनों के बाद हज़ारों प्रवासी श्रमिक देश छोड़कर चले गए हैं, जिससे कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। क्वाज़ुलु-नेटल प्रांत के न्यूकैसल जैसे विनिर्माण केंद्रों में स्थित कपड़ा कारख़ानों में सिलाई मशीनें बेकार खड़ी हैं। श्रमिकों के पलायन से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कारख़ानों को कामकाज जारी रखने में कठिनाई हो रही है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति से क्षेत्र में आर्थिक नुकसान हो सकता है। सरकार स्थिति को सामान्य करने और श्रमिकों को वापस लाने के प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। इस घटना ने दक्षिण अफ्रीका में प्रवासी श्रम पर निर्भरता और ज़ेनोफ़ोबिया के खतरे को उजागर किया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।