दक्षिण अफ्रीका में अप्रवासन विरोधी भावनाएँ बढ़ रही हैं, जिसके कारण अफ्रीकी मूल के विदेशियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस हिंसा के जवाब में, कई अफ्रीकी देश अपने नागरिकों को वापस बुलाने लगे हैं। नाइजीरिया और अन्य अफ्रीकी राष्ट्रों ने पहले ही अपने नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह स्थिति दक्षिण अफ्रीका में बढ़ते नस्लीय तनाव और विदेशी विरोधी भावना का संकेत है। सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए कदम उठाने की घोषणा की है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक मंदी और बेरोजगारी इस हिंसा को भड़काने में महत्वपूर्ण कारक हैं। इस घटनाक्रम से दक्षिण अफ्रीका की अंतर्राष्ट्रीय छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।