ट्रांसफॉर्मेशन के अधिवक्ताओं ने कहा है कि मडलंगा आयोग के सदस्य सैंडिले खुमालो, एएफटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायरोन डेवरेंस और उनके परिवारों के खिलाफ धमकियों में वृद्धि हुई है, जिसमें यौन हिंसा की कथित धमकियां भी शामिल हैं। इन धमकियों को लेकर चिंता जताई गई है और इसे गंभीर मामला माना जा रहा है। आयोग के सदस्यों को निशाना बनाना इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। यह घटना दक्षिण अफ्रीका में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए एक चुनौती है। ट्रांसफॉर्मेशन के अधिवक्ता इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि आयोग का काम बिना किसी डर के जारी रह सके। इस मामले ने पूरे मडलंगा क्षेत्र में खलबली मचा दी है।