दक्षिण अफ्रीका की टीम ने चेक रिपब्लिक के खिलाफ अपने खेल के अंदाज में बड़ा बदलाव किया। कोच ह्यूगो ब्रूस ने मेक्सिको के खिलाफ अपनाई गई पुरानी রক্ষণात्मक रणनीति को पूरी तरह त्याग दिया। इस बार उन्होंने टीम के आक्रमण को मजबूत करने के लिए अपोलिस और मासेको को आगे बढ़ाया। इस रणनीतिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका की स्वाभाविक आक्रामक पहचान को वापस लाना था। इस कदम से टीम के खेल में संतुलन आया और आक्रमण अधिक प्रभावी नजर आया। परिणामस्वरूप, टीम अपने流畅 (fluid) और आक्रामक खेल को मैदान पर उतारने में सफल रही। यह बदलाव दक्षिण अफ्रीका के लिए खेल की दिशा बदलने वाला साबित हुआ।