दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों के बीच आगामी 30 जून की समय-सीमा को लेकर भय का माहौल है। यह समय-सीमा, जिसे आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा मान्यता नहीं दी गई है, अप्रवासियों के खिलाफ हिंसा भड़कने की आशंकाओं को जन्म दे रही है। सूत्रों के अनुसार, यह समय-सीमा अप्रवासियों को देश छोड़ने का दबाव बनाने के लिए बनाई गई है। हालांकि, सरकार ने इस तरह की किसी भी कार्रवाई का समर्थन नहीं किया है, फिर भी प्रवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। कई प्रवासी समुदाय इस स्थिति से चिंतित हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को शांत करने और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है, लेकिन डर का माहौल बना हुआ है। यह घटना दक्षिण अफ्रीका में अप्रवासन और ज़ेनोफोबिया (xenophobia) के मुद्दे को फिर से उजागर करती है।
