दक्षिण अफ्रीका में आगामी 30 जून को अवैध प्रवासन के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनज़र, सरकार ने अवैध प्रवासियों को आश्रय देने या उन्हें रोजगार देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। ऐसा करने पर प्रति व्यक्ति 10,000 रैंड का जुर्माना लगाया जा सकता है और आपराधिक आरोप भी दर्ज किए जा सकते हैं। यह कदम अवैध प्रवासन को लेकर बढ़ती चिंताओं और संभावित विरोधों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे कानून का सख्ती से पालन करेंगे और अवैध रूप से रहने वाले प्रवासियों को आश्रय देने या नियोजित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शेंगे नहीं। इस घोषणा से देश में प्रवासियों और स्थानीय समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। सरकार ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने का आग्रह किया है। यह कार्रवाई अवैध प्रवासन के मुद्दे पर सरकार की कठोर नीति को दर्शाती है।
