दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती विदेशी-विरोधी भावना के मद्देनज़र डेनिस हर्ले सेंटर के डॉ. रेमंड पेरिएर ने एकता और करुणा का आह्वान किया है। उन्होंने विस्थापित विदेशियों की तत्काल स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों पर प्रकाश डाला है। डॉ. पेरिएर का कहना है कि मौजूदा संकट के समय में एकजुट होकर काम करना आवश्यक है। यह स्थिति विशेष रूप से उन विदेशियों के लिए गंभीर है जिन्हें अपने घरों से भागने के लिए मजबूर किया गया है। रिपोर्ट में इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल की गई है और लोगों से सहायता करने का आग्रह किया गया है। डेनिस हर्ले सेंटर, पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है और इस समस्या के समाधान के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। इस गंभीर स्थिति में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है।
