दक्षिण अफ्रीका के KwaZulu-Natal में टेंडेल कोयला खदान के कारण अपने घरों और जमीन से विस्थापित हुए परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए बहुत कम मुआवजा दिया गया है। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार, उन्हें उनके वास्तविक नुकसान का केवल 5% से भी कम मुआवजा मिला है। यह अध्ययन उन लोगों के साथ उचित व्यवहार पर सवाल उठाता है जिन्हें बड़े कोयला खनन परियोजनाओं के लिए विस्थापित किया जाता है। अध्ययन में पाया गया कि मुआवजा राशि अपर्याप्त है और विस्थापित परिवारों के जीवन यापन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इन परिवारों ने अपनी जमीन, घरों और आजीविका के साधनों को खो दिया है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। यह स्थिति मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों को सामने लाती है। कोयला खनन परियोजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले लोगों के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करना आवश्यक है।