शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनकी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त होने की तस्वीरें जारी करके विश्वासघात किया है। वांगचुक का कहना है कि तस्वीरें सार्वजनिक करने से पहले उनसे अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने इस कदम को निराशाजनक बताया है और व्यक्त किया है कि यह उनकी निजता का उल्लंघन है। वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत लाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की है। वांगचुक ने जोर देकर कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा, भले ही उनकी भूख हड़ताल समाप्त हो गई हो। उन्होंने कहा कि वे लद्दाख के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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