लगभग तीस वर्षों से, फ़ाम मिन्ह चाऊ, हो ची मिन्ह सिटी में ग़रीबों और बेसहारा लोगों की अंतिम संस्कार की व्यवस्था निःशुल्क कर रहे हैं। उन्होंने कफ़न से लेकर अंतिम विदाई की यात्रा तक, हर चीज़ का ज़िम्मा संभाला। अब, उनके बेटे ने इस नेक काम को आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया है। यह कार्य ऐसा है कि लोग इसे करने से डरते हैं, लेकिन बेटे ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। इस काम से उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि यह मानवीय सेवा का एक उदाहरण है। यह पहल समाज में करुणा और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देती है। यह पिता-पुत्र के बीच अटूट बंधन और समाज सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।