सोमालिया के रेफरी ओमर आर्टन को संयुक्त राज्य अमेरिका का वीजा नहीं मिलने के कारण 2026 विश्व कप में ड्यूटी करने से वंचित होना पड़ा है। हालांकि, फीफा ने स्पष्ट किया है कि वीजा अस्वीकार होने के बावजूद उन्हें पूरी फीस का भुगतान किया जाएगा। यह फैसला फीफा की नीति के अनुरूप है, जिसके तहत रेफरी को उनकी तैयारी और उपलब्धता के लिए क्षतिपूर्ति दी जाती है, भले ही वे टूर्नामेंट में भाग न ले सकें। आर्टन को विश्व कप में संभावित रूप से शामिल होने के लिए चुना गया था, लेकिन अमेरिकी वीजा प्राप्त करने में विफल रहने के कारण उन्हें यह अवसर गंवाना पड़ा। फीफा के इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि संगठन रेफरी के योगदान को महत्व देता है, भले ही परिस्थितियां उनके टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति न दें। यह मामला अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में वीजा संबंधी चुनौतियों और खिलाड़ियों/अधिकारियों पर उनके प्रभाव को भी उजागर करता है।
