स्टैले सोल्बाकेन के राष्ट्रीय टीम के कोच बनने के बाद, बार्ड विगेन को उनकी टीम में शामिल नहीं किया गया। यह निर्णय सोल्बाकेन के करीबी सहयोगियों के बीच वफादारी के मुद्दों पर सवाल खड़े करता है। विगेन, सोल्बाकेन के साथ पहले भी काम कर चुके हैं और उनकी टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते थे। इस फैसले से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है, क्योंकि विगेन की विशेषज्ञता और अनुभव को महत्व दिया जाता था। सोल्बाकेन ने अभी तक इस फैसले पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि टीम चयन में वफादारी एक महत्वपूर्ण कारक रही होगी। इस घटना ने नॉर्वे की फुटबॉल टीम में आंतरिक गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित किया है।