नॉर्वे में सौर ऊर्जा का विकास पूरी तरह से थम गया है। देश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति रुक गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा का विस्तार हो रहा है। यह स्थिति विभिन्न कारकों के कारण उत्पन्न हुई है, जिसमें नीतिगत समर्थन की कमी और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियाँ शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो नॉर्वे सौर ऊर्जा क्रांति से पिछड़ जाएगा। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए नए उपायों पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिला है। इस ठहराव का देश के जलवायु लक्ष्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।