सोक्रेट्स को प्रशासनिक न्यायालय में दो महत्वपूर्ण मामलों में झटका लगा है। न्यायालय ने वकीलों के संगठन के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी है और गवाहों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी शामिल हैं। न्यायिक सूत्रों के अनुसार, सरकारी वकील नियुक्त करने की संभावना भी कम है। इस फैसले से सोक्रेट्स की कानूनी स्थिति और कमजोर हो गई है। माना जा रहा है कि अब उनके लिए कानूनी बचाव और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए तर्कों को पर्याप्त नहीं माना। इस निर्णय के बाद सोक्रेट्स के समर्थकों में निराशा है।
