आजकल युवा पीढ़ी के बीच सोशल मीडिया का उपयोग बहुत बढ़ गया है। कॉलेज से लौटने के बाद, वे तुरंत इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफ़ॉर्म खोल लेते हैं और लगातार स्क्रॉल करते रहते हैं। यह आदत उन्हें घंटों तक व्यस्त रखती है, जिसके कारण वे अपने महत्वपूर्ण कार्यों को भूल जाते हैं। इस निरंतर स्क्रॉलिंग से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है, और ध्यान एक वस्तु की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा है। सोशल मीडिया कंपनियां इस 'ध्यान अर्थव्यवस्था' का लाभ उठाकर अधिक से अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने की कोशिश करती हैं। यह स्थिति युवाओं के शैक्षणिक प्रदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए, सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर जागरूकता और संयम बरतना आवश्यक है।