कर अधिकारियों ने दो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की आय की जांच शुरू की है, जिनके यूट्यूब और टिकटॉक पर बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। जांच का केंद्रबिंदु यह है कि इन इन्फ्लुएंसरों ने अपनी कमाई का एक हिस्सा अपने नाबालिग बच्चों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया था। अधिकारियों को संदेह है कि यह कर चोरी या आय छिपाने का प्रयास हो सकता है। यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कमाई करने वाले व्यक्तियों और उनके वित्तीय लेन-देन पर कड़ी निगरानी रखने की ओर इशारा करता है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धन हस्तांतरण का उद्देश्य क्या था और क्या इसमें कोई कर नियमों का उल्लंघन हुआ है। अधिकारियों ने इस मामले में आगे की जांच के लिए संबंधित दस्तावेजों और बैंक विवरणों को जब्त कर लिया है। इस घटना से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों के लिए वित्तीय पारदर्शिता और कानूनी अनुपालन का महत्व उजागर होता है।