आजकल सोशल मीडिया पर टिप्पणियों को पढ़कर अक्सर निराशा होती है। लोग अजीब और नकारात्मक बातें लिखते हैं, जिससे मन उदास हो जाता है। ऐसा लगता है कि कभी-कभी तो पूरी मानव जाति को ही समाप्त कर देना चाहिए। बहुत से लोग सोशल मीडिया पर सामग्री तो देखते हैं, लेकिन टिप्पणियों को पढ़ना टाल जाते हैं। ऑनलाइन दुनिया में नकारात्मकता और थकावट एक आम समस्या बन गई है। यह स्थिति मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए, सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।