राष्ट्रीय लेखा परीक्षक ने देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना, स्नोई 2.0 में गंभीर कमियों को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना की लागत में भारी वृद्धि हुई है और यह 12 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई है। यह वृद्धि खराब शासन और प्रबंधन विफलताओं के कारण हुई है। लेखा परीक्षक ने परियोजना के नियोजन और कार्यान्वयन में पारदर्शिता की कमी पर भी चिंता व्यक्त की है। स्नोई 2.0, न्यू साउथ वेल्स में स्थित एक महत्वाकांक्षी पनबिजली योजना है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, रिपोर्ट से परियोजना की समय-सीमा और बजट पर गंभीर सवाल उठते हैं। सरकार ने इन निष्कर्षों की समीक्षा करने और सुधारात्मक उपाय करने का वादा किया है।
