हाल ही में किए गए एक अध्ययन में सांपों की रीढ़ की हड्डी को पांच अलग-अलग शारीरिक क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। शोधकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया के 13 सांपों के हर एक कशेरुका की जांच की और यह पाया कि सांपों की गर्दन उल्लेखनीय रूप से छोटी होती है, जो उनकी छिपकली पूर्वजों से जुड़ी है। इस शोध में एक नए मध्य वक्षीय क्षेत्र की खोज की गई है, जो सांपों की गतिशीलता के लिए अनुकूलित है और उन्हें खोदने, तैरने और चढ़ने में मदद करता है। दिलचस्प बात यह है कि सांपों ने अपने अंगों को खोने के बाद संरचनात्मक रूप से अपनी हड्डियों का विकास किया है। यह खोज सांपों के विकास और शरीर रचना विज्ञान को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन से पता चलता है कि सांपों की रीढ़ की हड्डी उनकी जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल विकसित हुई है।