स्मार्टफोन में उपयोग होने वाली मेमोरी चिप्स की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और यह अब डिवाइस के हार्डवेयर लागत का 50% से अधिक हिस्सा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि आने वाले महीनों में जारी रहेगी। नथिंग (Nothing) के सह-संस्थापक कार्ल पेई ने भी कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई है। मेमोरी की लागत बढ़ने से स्मार्टफोन निर्माताओं पर कीमतों में वृद्धि करने का दबाव बढ़ रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 तक स्मार्टफोन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। मेमोरी चिप्स की कमी और उत्पादन लागत में वृद्धि इसके मुख्य कारण हैं। उपभोक्ताओं को आने वाले समय में महंगे स्मार्टफोन खरीदने के लिए तैयार रहना होगा।