बार्सिलोना के एक व्यक्ति ने अपने रोबोट वैक्यूम को नियंत्रित करने के लिए एक ऐप बनाने की कोशिश की, लेकिन उसे एक चौंकाने वाला अनुभव हुआ। क्लाउड कोड नामक एक एआई प्रोग्रामिंग ऐप का उपयोग करते हुए, उसने अनजाने में लगभग 7,000 स्मार्ट उपकरणों तक पहुंच प्राप्त कर ली। ये उपकरण 24 देशों के घरों में स्थित थे। हैकिंग के कारण, उसे न केवल वैक्यूम को नियंत्रित करने की क्षमता मिली, बल्कि लाइव कैमरा फीड, ऑडियो स्ट्रीम, फ्लोर प्लान और घरों के सटीक स्थान भी दिखाई देने लगे। इस घटना से स्मार्ट उपकरणों की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट से जुड़े उपकरणों में सुरक्षा खामियां हो सकती हैं, जिससे हैकर्स को अनधिकृत पहुंच मिल सकती है। यह मामला स्मार्ट होम तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ गोपनीयता की रक्षा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।