अमेरिकी लघु व्यवसायों के एक समूह ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘मजबूरी श्रम’ शुल्क को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है। उनका तर्क है कि ये शुल्क अस्पष्ट हैं और अनुचित रूप से उन व्यवसायों को प्रभावित करते हैं जिनका शिनजियांग क्षेत्र में किसी भी तरह का संबंध नहीं है। इन शुल्कों का उद्देश्य चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में कथित मजबूर श्रम को रोकना है। वादी कंपनियों का दावा है कि नए नियम आपूर्ति श्रृंखलाओं में अनावश्यक व्यवधान पैदा करते हैं और महत्वपूर्ण आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। मुकदमे में इन शुल्कों को मनमाना और कानून के अधिकार से बाहर बताया गया है। यह मामला अमेरिकी व्यापार नीति और मानव अधिकारों के मुद्दों के बीच जटिल संबंधों को उजागर करता है। यह देखना बाकी है कि अदालत इस मामले में क्या फैसला देती है।