स्लोवेनिया में जन्मी लेखिका लुसिया स्टुपिका ने अपनी नई पुस्तक में बचपन और वर्तमान समय के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया है। समीक्षक सैमुअल लेवांडर के अनुसार, पुस्तक में सुंदर चित्रण हैं, लेकिन कभी-कभी कविता अपनी लय खो देती है। स्टुपिका की लेखन शैली में एक विशेष प्रकार की खुशबू और गहराई है, जो पाठकों को आकर्षित करती है। यह पुस्तक पाठकों को स्लोवेनियाई संस्कृति और जीवनशैली की झलक दिखाती है। हालाँकि, कुछ स्थानों पर कविता की स्पष्टता कम हो जाती है, जिससे अर्थ समझने में कठिनाई हो सकती है। फिर भी, यह पुस्तक कविता प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण कृति है। स्टुपिका का लेखन, कभी-कभी साधारण जीवन के अनुभवों में भी सुंदरता ढूंढ निकालने की क्षमता दर्शाता है।