स्लोवेनिया में रविवार को एक जनमत संग्रह में संसदीय जांच शक्तियों का विस्तार करने वाला एक विधेयक खारिज कर दिया गया, जिससे राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री जान्ज़ जान्सा को एक बड़ा झटका लगा है। ९९ प्रतिशत मतों की गिनती के साथ, ५१ प्रतिशत लोगों ने प्रस्ताव का विरोध किया और ४९ प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। यह मतदान बाध्यकारी था। विपक्ष ने उनके सुधार एजेंडे को “अधिनायकवादी” बताया था। इस परिणाम से प्रधानमंत्री जान्सा के सुधारों को आगे बढ़ाने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। स्लोवेनिया की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। जनमत संग्रह का परिणाम सरकार के लिए एक बड़ी हार है और राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है। यह घटना देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और शक्तियों के संतुलन पर बहस को भी जन्म देगी।