स्लोवेनिया ने फ़लस्तीन को राष्ट्र के रूप में दी गई अपनी मान्यता को वापस लेने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री जानेज़ जानशा ने एक इजरायली समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में यह घोषणा की है। इसके साथ ही, उन्होंने स्लोवेनियाई दूतावास को तेल अवीव से यरूशलम स्थानांतरित करने की योजना भी बताई है। इन घोषणाओं से व्यापक स्तर पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और कई पक्षों ने इसकी आलोचना की है। जानशा का यह कदम, फ़लस्तीन के मुद्दे पर स्लोवेनिया की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। इस फैसले से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्लोवेनिया, फ़लस्तीन को मान्यता देने वाले यूरोपीय संघ के उन देशों में से एक था।
