स्लोवाकिया में लेन-देन कर लागू करने का प्रयास विफल हो गया है, जिससे हंगरी यूरोप में इस प्रकार का एकमात्र देश बन गया है। इस कर के माध्यम से हंगरी को पिछले वर्ष 579 बिलियन फोरिंट का राजस्व प्राप्त हुआ था। स्लोवाकियाई सरकार ने इस कर को लागू करने की कोशिश की, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। अब, हंगरी ही एकमात्र ऐसा यूरोपीय देश है जहाँ इस तरह का कर लगाया जाता है। यह कर प्रणाली हंगरी को एक विशिष्ट आर्थिक स्थिति में रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हंगरी के वित्तीय राजस्व पर प्रभाव डाल सकता है। इस कर से प्राप्त राजस्व का उपयोग सरकार विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कार्यक्रमों के लिए करती है।