स्लोवाकिया में एक विवादित प्रकाशक को दोबारा निगरानी सूची में शामिल किया गया है। यह कदम अदालत के एक हालिया फैसले के बाद उठाया गया है। निगरानी संस्था का दावा है कि यह प्रकाशक प्रतिबंधित रूसी लेखकों को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, उन पर क्रेमलिन से जुड़े लेखकों का समर्थन करने का आरोप है। संस्था ने प्रकाशक पर ऐतिहासिक तथ्यों में जानबूझकर बदलाव करने (ऐतिहासिक संशोधनवाद) का भी आरोप लगाया है। यह मामला देश में दुष्प्रचार और विदेशी प्रभाव को रोकने की कोशिशों से जुड़ा है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों द्वारा इस स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।