स्लोवाकिया के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विज्ञान की प्रगति के दावों की आलोचना की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञान के मूल्यांकन के लिए एक ऐसी पद्धति अपनाई गई है जो वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। इस प्रणाली में केवल कुछ चुनिंदा और प्रभावशाली शोधकर्ताओं की उपलब्धियों को आधार बनाया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, उन सभी संस्थानों की छवि बेहतर दिख रही है जिनमें ये शोधकर्ता शामिल हैं। आलोचकों का मानना है कि यह दृष्टिकोण पूरी वैज्ञानिक बिरादरी की वास्तविक स्थिति को छिपा देता है। इस 'स्टाखानोव' पद्धति से केवल कागजी सफलता मिल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर चुनौतियां बरकरार हैं। अंततः, यह मूल्यांकन प्रणाली विज्ञान की समग्र प्रगति के बजाय केवल कुछ व्यक्तिगत उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।