स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रोबर्ट पेलेग्रिनी ने चीन के आर्थिक प्रस्तावों को स्वीकार किया है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि उन्होंने स्लोवाकिया और यूरोपीय संघ की चिंताओं को अनसुना कर दिया है। विपक्ष और विश्लेषकों का आरोप है कि पेलेग्रिनी ने चीनी प्रौद्योगिकी और रणनीतिक निर्भरता से जुड़े जोखिमों को पूरी तरह से नहीं समझा। यह समझौता स्लोवाकिया को चीन के साथ आर्थिक रूप से और करीब ला सकता है, लेकिन यूरोपीय संघ के भीतर इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम स्लोवाकिया को चीन पर अधिक निर्भर बना सकता है, जिससे उसकी संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है। समझौते में डेटा सुरक्षा और तकनीकी मानकों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता का अभाव है। इस फैसले से स्लोवाकिया की विदेश नीति और सुरक्षा नीतियों पर भी असर पड़ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पेलेग्रिनी इन चिंताओं का समाधान कैसे करते हैं और स्लोवाकिया के हितों की रक्षा कैसे करते हैं।