स्लोवाकिया के एक प्रमुख संपादक, माटुस कोस्टोलनी ने प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने अपने लेख में दावा किया है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियां महिलाओं के प्रति घृणा दर्शाती हैं। कोस्टोलनी के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा एक महिला पत्रकार के बारे में की गई भड़काऊ बातें, यह दर्शाती हैं कि प्रधानमंत्री का मानना है कि महिलाएं अगर पुरुषों की बात न मानें तो शारीरिक दंड की हकदार हैं। इस टिप्पणी ने देश में विवाद पैदा कर दिया है और प्रधानमंत्री की आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की भाषा महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला स्लोवाकियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बन गया है।