ब्रातिस्लावा (Bratislava) स्थित डीपीओएच (DPOH) में बुधवार, १४ अक्टूबर को आयोजित “लोकतंत्र को कैसे बचाएं” (Ako zachrániť demokraciu) नामक चर्चा में मार्टिन एम. शिमेčka, मारियान लेško, माटुš कोस्टोलनी और तोमाš हुदák ने कहा कि इगोर मातोविच (Igor Matovič) के चुनावों के बाद बदलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वे मानते हैं कि मातोविच किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और आसानी से हार नहीं मानेंगे। वक्ताओं ने निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की और लोगों को सक्रिय रूप से लोकतंत्र की रक्षा करने का आग्रह किया। चर्चा में राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनौतियों का विश्लेषण किया गया। उन्होंने जोर दिया कि केवल आशा रखने से कुछ नहीं होगा, बल्कि ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो निष्क्रिय नहीं रहेंगे। ब्रातिस्लावा में हुई इस चर्चा का उद्देश्य राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना था।