स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फ़िको पर राजनीतिक उदासीनता का आरोप लगाया गया है। आलोचकों का कहना है कि वह देश चलाने और जटिल समस्याओं को हल करने में रुचि नहीं रखते हैं। यह उदासीनता जटिल मुद्दों से बचने, सोचने में आलस्य, और पुराने संवादों को दोहराने के रूप में प्रकट होती है। वास्तविक राजनीतिक कार्य के अभाव में, फ़िको पर देश और नागरिकों के हितों की उपेक्षा करने का आरोप है। यह आरोप स्लोवाकिया की राजनीति में नेतृत्व की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। स्थिति देश के विकास और नागरिकों के कल्याण के लिए हानिकारक हो सकती है।