जेलनिका में हुई एक महिला की हत्या के मामले में नए खुलासे हुए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पुलिस और अदालत ने महिला से यह नहीं पूछा कि क्या उसे सुरक्षा की आवश्यकता है। पीड़िता की ओर से मदद मांगने पर ही प्रतिक्रिया देने की बात कही जा रही है। पुलिस का कहना है कि वे केवल हमले के तुरंत बाद खतरे का आकलन करते हैं। बाद में, सुरक्षा की आवश्यकता के बारे में पूछताछ नहीं की जाती। इस मामले ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और पीड़ितों की सहायता प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों पर यह सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। यह घटना घरेलू हिंसा पीड़ितों के लिए सुरक्षा उपायों की समीक्षा की मांग को और मजबूत करती है।
