स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फ़िको पर हाल ही में रूसी एजेंट की तरह व्यवहार करने का आरोप लगा है, जिसके सबूत कैमरे में कैद हुए हैं। फ़िको ने अपने एक सहयोगी, सुताजा एस्टोका को बर्खास्त करने से इनकार कर दिया है, जिससे विवाद बढ़ गया है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि देश के युवाओं की कीमत 50,000 यूरो भी नहीं है, जो व्यापक आलोचना का विषय बन गई है। फ़िको ने एलजीबीटी समुदाय के बजाय 'चुरिलोवसी' नामक एक समूह को संभावित समस्या बताया, जिससे और भी नाराजगी पैदा हो गई है। इन बयानों ने स्लोवाकियाई राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है और फ़िको की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि उनके कार्य और बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए खतरा हैं। इन घटनाओं ने स्लोवाकिया में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।