स्लोवाकिया में, यदि ताराबा 15 सितंबर को पद से नहीं हटते हैं, तो संसद में अवरोध उत्पन्न करने की धमकी दी गई है। यह बयान फिलिप कुफ़ा ने दिया है। कुफ़ा का कहना है कि यह कदम संसद अध्यक्ष आंद्रेज दांको के पास उपलब्ध सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक है। अवरोध का अर्थ है संसदीय कार्यवाही को जानबूझकर बाधित करना, जिससे कानून निर्माण की प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इस धमकी का उद्देश्य ताराबा पर इस्तीफा देने का दबाव बनाना है। इस स्थिति से स्लोवाकिया की राजनीति में तनाव बढ़ गया है, और यह देखना बाकी है कि आगे क्या होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गतिरोध देश की राजनीतिक स्थिरता को खतरे में डाल सकता है।