स्लोवाकिया में यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रति मिश्रित भावनाएं हैं। प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको स्वीकार करते हैं कि स्लोवाकिया ईयू के अन्य देशों की तुलना में आर्थिक रूप से पिछड़ा है, लेकिन वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि उनके देश में पारंपरिक मूल्यों को बरकरार रखा गया है। वहीं, मिलान उहरिक और मिलान मज़ुरेक जैसे राजनेता ईयू को भ्रष्ट बताते हैं। यह बयान स्लोवाकिया में ईयू की सदस्यता को लेकर चल रही बहस को दर्शाता है। एक तरफ आर्थिक विकास की चिंता है, तो दूसरी तरफ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की इच्छा। यह स्थिति स्लोवाकिया की राजनीतिक परिदृश्य में विभाजन को उजागर करती है। यह बहस यूरोपीय संघ के भविष्य और सदस्य देशों की भूमिका पर भी सवाल उठाती है।