स्लोवाकिया में न्यायिक परिषद पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि परिषद विपक्षी राजनेताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप कर रही है। वहीं, सत्ताधारी गठबंधन के शीर्ष नेताओं द्वारा दिए गए अपमानजनक बयानों पर परिषद चुप रहती है। आलोचकों का कहना है कि परिषद का यह व्यवहार खुले तौर पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में राजनीतिक कार्य है। इस स्थिति से न्यायिक परिषद की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि परिषद अपनी प्रासंगिकता धीरे-धीरे खो रही है और इसकी भूमिका पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। यह घटनाक्रम स्लोवाकिया में कानून के शासन और राजनीतिक संतुलन के लिए चिंता का विषय है।