स्लोवाकिया की रॉबर्ट फ़िको सरकार को आखिरकार संसद में विश्वास मत हासिल करना पड़ा। यह कदम सरकार के लिए एक संवैधानिक दायित्व था, जिसे वे सात महीनों से टालते आ रहे थे। संवैधानिक न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार को यह प्रस्ताव पेश करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा नारे लगाए गए और सरकार पर तीखी टिप्पणियां की गईं। गठबंधन के भीतर भी इस कानून को बदलने की मांग उठ रही है जिसने यह विश्वास मत आवश्यक बना दिया। अंततः, 78 गठबंधन सांसदों ने सरकार पर अपना विश्वास जताया। इस घटनाक्रम से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।