वेटिकन ने पहले एक बार बिशप Vojtaššák को संत घोषित करने के प्रयास को रोक दिया था, लेकिन अब प्रक्रिया फिर से आगे बढ़ रही है। स्पिस डायोसीस के लिए, उन्होंने स्पा को पुनर्जीवित किया। हालांकि, उनके बयानों ने एक यहूदी व्यापारी की कैद में योगदान दिया। युद्ध के दौरान उच्च चर्च अधिकारियों ने ही यहूदियों के प्रति उनके रुख की आलोचना की थी। यह मामला विवादास्पद बना हुआ है क्योंकि उनके निकटता को ह्लिन्का गार्ड से जोड़ा गया है, जो एक चरमपंथी संगठन था। इस पृष्ठभूमि के बावजूद, संत घोषणा की प्रक्रिया जारी है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि वेटिकन इस बार कैसे प्रतिक्रिया देगा।