बोरीस लाचिक ने लगभग 17 वर्षीय आंद्रेय को कारपैथियन पर्वतों में एक शिविर में साथ ले गए। यह यात्रा सिर्फ़ शिविर लगाने तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि प्रकृति में अनुभवों और गहरे विचारों के लिए भी थी। उन्होंने गंभीर विषयों पर चर्चा की और एक साथ शांत समय बिताया। लाचिक का कहना है कि उन्हें विशेष रूप से प्रकृति में बिताया गया समय और गहरे संवाद पसंद आए, जो आमतौर पर संभव नहीं होते हैं। यह शिविर बच्चों के घर के बच्चों के साथ बिताई गई गर्मी की एक खास याद है। इस यात्रा ने प्रतिभागियों को एक-दूसरे के साथ जुड़ने और महत्वपूर्ण जीवन पहलुओं पर विचार करने का अवसर दिया। यह अनुभव उनके लिए यादगार रहा।