वैज्ञानिकों ने पाया है कि स्लोथ (Sloth) की धीमी गति उनके जीन में निहित है, न कि केवल उनकी जीवनशैली में। यह खोज इस प्रजाति के आलस्य का वैज्ञानिक कारण बताती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्लोथ के जीन में चयापचय (metabolism) को नियंत्रित करने वाले विशेष गुण होते हैं, जो उनकी ऊर्जा खपत को कम करते हैं। यह अध्ययन मनुष्यों में ऊर्जा संरक्षण के नए तरीकों को समझने में भी मदद कर सकता है। स्लोथ कम ऊर्जा व्यय करके जीवित रहने में सक्षम होते हैं, जो उनके प्राकृतिक आवास में एक महत्वपूर्ण अनुकूलन है। इस खोज से यह भी पता चलता है कि आलस्य हमेशा नकारात्मक नहीं होता, बल्कि यह एक प्रभावी जीवित रहने की रणनीति भी हो सकती है। भविष्य में, इस शोध का उपयोग ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और चयापचय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है।