अनुभवी खिलाड़ी जेराल स्केल्टन को एक पेशेवर फाउल करने के बाद भी मैदान से बाहर नहीं किया गया। यह निर्णय विवादास्पद हो सकता है, लेकिन रेफरी ने उन्हें खेल जारी रखने की अनुमति दे दी। इस घटना ने खेल के दौरान बहस छेड़ दी, क्योंकि कुछ लोगों का मानना है कि स्केल्टन को पीले कार्ड या यहां तक कि लाल कार्ड का सामना करना चाहिए था। हालांकि, नियमों की व्याख्या के आधार पर, रेफरी ने उन्हें मैदान पर रहने की अनुमति देने का फैसला किया। यह फैसला मैच के परिणाम को प्रभावित कर सकता था। स्केल्टन का टीम के लिए योगदान महत्वपूर्ण रहा, और उन्हें मैदान पर रखना टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। इस घटना ने खेल में अनुशासन और निर्णयों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।